PM Matsya Sampada Yojana 2022 इस योजना के अंतर्गत सरकार दे रही है 60 फ़ीसदी तक की सब्सिडी!

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PM Matsya Sampada Yojana 2022
PM Matsya Sampada Yojana 2022

Pradhan Mantri Matsya Sampada Yojana

Pradhan Mantri Matsya Sampada Yojana (PMMSY) was launched on 10th September 2020. The aim of the scheme is to bring about Blue Revolution through the sustainable development of the fisheries sector over a period of five years (2020-2025.) PMMSY was announced in the union budget 2019-20.

Relevant facts about the scheme are important for the competitive examinations including the IAS Exam. Read on to know about the components, objectives and significance of the PM Matsya Sampada Yojana.

Brief Facts about PM Matsya Sampada Yojana

Launch Date 10th September 2020
Concerned Government Department Department of Fisheries
Tenure 2020-2025
Beneficiaries
  • Fishers
  • Fish farmers
  • (Fish workers and Fish vendors
  • Fisheries Development corporations
  • Self Help Groups (SHGs)/Joint Liability Groups (JLGs) in the fisheries sector
  • Fisheries cooperatives
  • Fisheries Federations
  • Entrepreneurs and private firms
  • Fish Farmers Producer Organisations/Companies (FFPOs/Cs)
  • SCs/STs/Women/Differently abled persons
Direct Link http://dof.gov.in/pmmsy

भारत में खेती करने वाले जितने भी किसान भाई हैं उनके लिए सरकार समय-समय पर कई सारी योजनाएं कोल आती रहती है ताकि उन्हें खेती रुचि बनी रहे भारत में खेती-किसानी के कार्य से जुड़े उद्योग धंधों को प्रोत्साहित करने के लिए हमारे देश के सरकार किसानों के हर तरह की मदद पहुंचाती है ताकि जितने भी किसान भाई हैं उन्हें आर्थिक मदद दी जा सके ताकि उन्हें खेती करने में रुचि बनी रहे और आई दुगनी कर दी जाए उन्हें भी मुनाफा हो अगर देश के किसी भी किसान के पास खेती के साथ-साथ अत्यधिक जमीन है तो सरकार उसे मत्स्य पालन के लिए कई योजनाओं का लाभ देती है.

हमारे देश में जितने भी किसान हैं वह सभी कृषि पर ही अपना जीवन चलाते हैं और वह खेती करते करते अपना जीवन बिता लेते हैं ऐसे में सरकार ने सभी किसान भाइयों के लिए एक और योजना लाई है जिसके तहत हमारे देश में जितने भी किसान हैं उन सभी किसानों को खेती के साथ-साथ मत्स्य पालन करने का भी अवसर मिलेगा किसी भी किसान इस योजना का लाभ ले सकते हैं बस उनके पास मत्स्य पालन करने के लिए जमीन होनी चाहिए अगर किसी भी किसान के पास मत से पालन करने के लिए खेत है तो सरकार उसे लोन भी देती है बहुत सारी योजनाओं का लाभ भी देती है ताकि किसान मत्स्य पालन भी कर सके.

हम आपको बता देगी सरकार के द्वारा दी जाने वाली इस योजना के अंतर्गत अगर कोई भी किसान वह भारतीय नागरिक है और खेती करता है तथा जिसके पास अधिक खेत है और वह मत्स्य पालन करने के लिए इच्छुक होता है हमारे देश के सरकार के द्वारा ऐसे किसानों को कई सारी योजनाओं का लाभ प्रदान की जाती है इसके साथ साथ ऐसे किसानों तथा मछुआरों को 60% तक की सब्सिडी या दो लाख रुपए तक की छूट दी जाती है सरकार का कौन आया है कि इस योजना के तहत किसान अपनी आर्थिक स्थिति को सुधार कर सकते हैं अगर जो भी किसान

PM Matsya Sampada Yojana 2022
PM Matsya Sampada Yojana 2022

इसके लिए तैयार होते हैं तो उन किसानों तथा मछुआरों को लोन की सुविधा भी दी जाएगी.

गौरतलब है कि मत्स्य क्षेत्र के विकास के लिए सरकार कई तरह की योजनाओं को लाती रहती है उन्हीं में से यह योजना भी एक है इस योजना के अंतर्गत सरकार मछुआरों को कई प्रकार की लाभ प्रदान करती है जिससे किसानों तथा मछुआरों को तो मुनाफा मिलता ही है और दूसरी तरफ सरकार को भी इससे यह फायदा होगा कि इससे केंद्र सरकार द्वारा प्रधान मंत्री मत्स्य संपदा योजना चलती रहेगी इसके तहत सामान्य वर्ग के किसानों और मत्स्य पालकों को मछली पालन और अनुसूचित जाति तथा जनजाति के किसानों मछली किसानों को 40% की सब्सिडी प्रदान की जाएगी जिसके तहत इस सब्सिडी के लिए किसानों को सरकार की ओर से 60% की सब्सिडी भी दी जाएगी

किस प्रकार से किसान लोन प्राप्त कर सकते हैं!

हम आपको यहां यह जानकारी देते हैं कि सभी किसान भाई लोग किस तरह अपना लोन पास कर सकते हैं और इस योजना का लाभ सफलतापूर्वक प्राप्त कर सकते हैं सभी किसान जो भी लोन लेने के लिए इच्छुक है उनके पास किसान क्रेडिट कार्ड होना चाहिए और नाबार्ड की मदद से किसान बैंक के द्वारा लोन प्राप्त कर सकते हैं किसानों को बैंक के द्वारा मत्स्य पालन करने के लिए भी लोन दी जाती है जो भी मछुआरे यह लोन प्राप्त करना चाहते हैं वह अपने नजदीकी बैंक से जाकर संपर्क करें और इसके बारे में अधिक जानकारी भी प्राप्त कर सकते हैं और इस योजना का लाभ प्राप्त कर सकते हैं.

PM Matsya Sampada Yojana 2022
PM Matsya Sampada Yojana 2022

मछली पालन के लिए ट्रेनिंग और सब्सिडी भी दी जाती है केसीसी कार्ड रखने वाले किसानों को बिना गारंटी के 2 लाख रुपए सरकार की ओर से दी जाती है जो भी किसान या मछुआरे इस लोन को लेते हैं तो उन्हें मात्र 7 फ़ीसदी ब्याज दर ही देना पड़ता है और इसके साथ सभी को बैंक ऋण को समय से भुगतान कर दिया जाता है तो ऐसे में किसानों को बैंक के द्वारा 3 फ़ीसदी तक की अतिरिक्त छूट प्रदान की जाती है.

प्रधान मंत्री मत्स्य संपदा योजना मत्स्य क्षेत्र पर आधारित एक विकास योजना है अंतर्गत मछुआरों या किसानों को मछली पालने के लिए कई तरह की योजनाओं दी जाती है और कई तरह की लोन भी प्रदान की जाती है जिससे यह लोग इस काम में लगे रहे और अपना जीवन सफलतापूर्वक गुजार सके इस मत्स्य पालन में किसानों को या मछुआरों को अत्यधिक मुनाफा होता है और इस मुनाफे से वह अपना आर्थिक स्थिति को सुधार सकते हैं और अपने बच्चों को अच्छी शिक्षा भी दे सकते हैं और ऐसे ही हमारे देश की आर्थिक स्थिति धीरे-धीरे मजबूत होती जाएगी पर सभी लोग आत्मनिर्भर बन सकेंगे.

इस मत्स्य पालन से सभी लोग आत्मनिर्भर भारत पैकेज के तहत वित्त वर्ष 2024 …
इंस्टेंट लोन व्यापार क्रेडिट कार्ड से छोटे व्यापारियों को मिलेगा सबसे सस्ता लोन!

हमारे देश के जितने भी नागरिक है सब कुछ ना कुछ काम धंधे में लगे होते हैं कुछ लोगों के पास रोजगार की व्यवस्था नहीं होती है कुछ लोग किसानी करते हैं जिस तरह सरकार के द्वारा किसानों को किसान क्रेडिट कार्ड पर लोन की सुविधा दी जाती है उसी तरह आप सरकार के द्वारा एक नई योजना लांच की गई है जिसके तहत छोटे व्यापारियों को अब व्यापारी क्रेडिट कार्ड पर लोन दी जाएगी इसे जितने भी छोटे व्यापारी है उनको बहुत लाभ होगा इस योजना के अंतर्गत सभी व्यापारियों को कम ब्याज दर पर लोन मिलेगा जिसे उन्हें लोन चुकाने बीवी ज्यादा कठिनाइयों का सामना नहीं करना होगा जानते हैं कैसे करें अप्लाई किस तरह इस लोन का लाभ ले सकते हैं!

बिहार लेटेस्ट न्यूज़ 2022!

सरकार किसान क्रेडिट कार्ड के तर्ज पर हमारे देश के जितने भी छोटे कारोबारियों है उन्हें व्यापारी क्रेडिट कार्ड पर लोन की सुविधा प्रदान की जा रही है इसका मुख्य उद्देश्य यह है कि देश के जितने भी छोटे व्यापारी हैं उन्हें अपने व्यापार करने में और भी ज्यादा रुचि लाने के लिए सरकार उनकी सभी तरफ से मदद कर रही है इसके लिए देश के सरकार ने कई कई तरह की योजनाओं को भी जारी किया है इसकी मदद से जितने भी छोटे कारोबारी हैं उनकी आर्थिक रूप से सहायता की जाएगी ताकि उन्हें व्यापार करने में किसी भी प्रकार की परेशानी ना हो.

इसके लिए हमारे देश के सरकार ने सभी छोटे व्यापारियों के लिए लोन की सुविधा लागू की है इस लोन की सुविधा को प्राप्त कर सभी छोटे व्यापारी अपनी बिजनेस को अच्छी मुकाम पर ले जा सकते हैं इसके लिए उन्हें कम कीमत पर लोन दिया जाएगा व्यापार क्रेडिट कार्ड राष्ट्रीय स्तर पर लांच किया जाता है और सीडीपी व्यापार कार्ड की नोडल एजेंसी होगी सीमित ने इस संबंध में वित्त मंत्रालय व अलग-अलग बैंकों से बातचीत कर ली है इस कार्य की क्रेडिट सीमा 50 हजार से लेकर 1 लाख रुपए तक की होगी यानी कि छोटे कारोबारियों को 1 लाख रुपए तक की लोन दी जाएगी.

कितनी मिल सकती है लोन!

जो भी नागरिक कोई बिजनेस शुरू करने की सोच रहे हैं और उनके पास आई की व्यवस्था नहीं है तो उन्हें इस योजना का लाभ प्राप्त करनी चाहिए जिसके मदद से वह अपना स्वयं का धंधा शुरू कर सकते हैं उन्हें इस लोन के अंतर्गत 50 हजार रुपए से लेकर 1 लाख रुपए तक की लोन दी जाएगी ताकि जितने भी छोटे कारोबारी है वह अपने बिजनेस को और विस्तृत कर सके ताकि उन्हें ज्यादा से ज्यादा मुनाफा हो की आर्थिक स्थिति को मजबूत किया जा सके इसलिए सरकार ने इस योजना को लांच किया है!

किस प्रकार मिलेगा व्यापार के क्रेडिट कार्ड!

सीमित ने MSME मंत्रालय के उधम पोर्टल पर पंजीकृत उद्यमियों को ही व्यापार क्रेडिट कार्ड देने की मांग की है क्योंकि अभी करोड़ों ऐसे उद्योग है जिन्होंने उधम पोर्टल पर अपना पंजीकरण नहीं कराया है के लिए उन्होंने यह फैसला लिया ताकि व्यापार क्रेडिट कार्ड को जिस साल में लांच किया जाएगा तो फिर जितने भी लोग ने अभी तक इसमें अपनी पंजीकृत नहीं कराया है वह सभी इस में जुड़ जाएंगे व्यापार के जारी होने से किराना दुकानदार तथा इसके साथ सलूशन आने वाले लोग और अन्य बहुत सी प्रकार की छोटे व्यापारी हैं जी ने इस योजना से लाभ मिलेगा.

किस लिए परी इसकी जरूरत!

हम आपको यह बताना चाहते हैं कि इसकी जरूरत इसकी जरूरत इसलिए पड़ी क्योंकि जब देश में कोरोना काल चल रहा था तथा कोरोना काल के बाद देश के MSME क्षेत्र छोटे और मझोले उद्योग को सबसे बड़ा झटका लगा था इस झटका का अंत यही नहीं हुआ इससे पहले जो हमारे देश में नोट बंदी लागू हुआ था और जीएसटी की मार भी इसी क्षेत्र पर पड़ी जिसे इसे बहुत ही ज्यादा झटका लगा इसीलिए इस क्षेत्र को राहत देने के लिए मामलों पर संसद की बैठक में इस योजना पर मुद्दा उठाया गया तब संसद की स्थाई समिति ने किसान क्रेडिट कार्ड की तर्ज पर ही छोटे उद्योग धंधे वाले लोगों को क्रेडिट कार्ड देने की मांग की थी सूत्रों के मुताबिक ही अभी खबर आ रही है कि केंद्र सरकार ने इस मामले को मान लिया है इसीलिए इस योजना को जल्द से जल्द जारी कर दिया जाएगा जिसे जितने भी लोगों को नुकसान हुआ था अपने छोटे धंधों में उन्हें फिर से सवरने का मौका मिल सके.

PM Matsya Sampada Yojana 2022
PM Matsya Sampada Yojana 2022

जो भी लोग इस योजना का लाभ लेना चाहते हैं उन्हें इसमें आवेदन करना होगा तब वहां इस योजना का लाभ ले सकते हैं इस योजना के अंतर्गत सभी छोटे बिजनेस करने वाले लोगों को सरकार की ओर से प्लेन प्रदान की जाएगी जिस तरह हमने आपको ऊपर बताया है कि, जैसे किसान क्रेडिट कार्ड पर किसानों को लोन की सुविधा दी जाती है उसी प्रकार यहां भी सभी छोटे व्यापारियों को व्यापारिक क्रेडिट कार्ड पर लोन की सुविधा भी दी जाएगी इसलिए जो भी इस लोन को लेने के लिए इच्छुक है वह सभी इस योजना को लेने के लिए जल्द से जल्द अपना आवेदन करें.

देश में व्यापार शुरू करने के लिए बैंकों से लोन लेना अब आसान होने वाला है क्योंकि केंद्र सरकार क्रेडिट कार्ड की तरह ही अब एक नई कार्ड जोकि है व्यापार क्रेडिट कार्ड जारी करने जा रहा है इस व्यापार क्रेडिट कार्ड के अंतर्गत सभी कारोबारियों को बिना किसी गैरेंटिया या फिर कुछ गिरवी रखने की आवश्यकता नहीं होगी, व्यापार क्रेडिट कार्ड के माध्यम से सभी कारोबारियों को सरकार की ओर से राष्ट्रीय स्तर पर लोन दी जाएगी ताकि सभी कारोबारियों को बिजनेस शुरू करने में ज्यादा दिक्कतों का सामना करना पड़ेगा भारतीय लघु उद्योग विकास बैंक को इसके नोडल एजेंसी की जिम्मेदारी भी सौंप दी गई है.

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प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना

प्रिलिम्स के लिये

प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना

मेन्स के लिये 

प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना से संबंधित विभिन्न तथ्य 

चर्चा में क्यों?

10 सितंबर को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने डिजिटल माध्यम से प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना (Pradhan Mantri Matsya Sampada Yojana-PMMSY) का शुभारंभ किया। इस योजना के साथ-साथ प्रधानमंत्री ने ई-गोपाला एप भी लॉन्च किया, जो किसानों के प्रत्यक्ष उपयोग के लिये एक समग्र नस्ल सुधार, बाज़ार और सूचना पोर्टल है। इस अवसर पर प्रधानमंत्री ने बिहार में मछली पालन और पशुपालन क्षेत्रों में भी कई पहलों की शुरुआत की।

प्रमुख बिंदु

  • प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना
    • PMMSY मत्स्य क्षेत्र पर केंद्रित एक सतत् विकास योजना है, जिसे आत्मनिर्भर भारत पैकेज के तहत वित्त वर्ष 2020-21 से वित्त वर्ष 2024-25 तक (5 वर्ष की अवधि के दौरान) सभी राज्यों/संघ शासित प्रदेशों में कार्यान्वित किया जाना है।
    • इस योजना पर अनुमानत: 20,050 करोड़ रुपए का निवेश किया जाएगा।
      • PMMSY के अंतर्गत 20,050 करोड़ रुपए का निवेश मत्स्य क्षेत्र में होने वाला सबसे अधिक निवेश है।
      • इसमें से लगभग 12,340 करोड़ रुपए का निवेश समुद्री, अंतर्देशीय मत्स्य पालन और जलीय कृषि में लाभार्थी केंद्रित गतिविधियों पर तथा 7,710 करोड़ रुपए का निवेश फिशरीज़ इन्फ्रास्ट्रक्चर के लिये प्रस्तावित है।
  • लक्ष्य:
    • वर्ष 2024-25 तक मत्स्य उत्पादन में अतिरिक्त 70 लाख टन की वृद्धि करना, 
    • वर्ष 2024-25 तक मत्स्य निर्यात से होने वाली आय को 1,00,000 करोड़ रुपए तक करना,
    • मछुआरों और मत्स्य किसानों की आय को दोगुनी करना,
    • पैदावार के बाद होने वाले नुकसान को 20-25 प्रतिशत से घटाकर 10 प्रतिशत करना 
    • मत्स्य पालन क्षेत्र और सहायक गतिविधियों में 55 लाख प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोज़गार के अवसर पैदा करना।
  • उद्देश्य:
    • आवश्यकतानुरूप निवेश करते हुए मत्स्य समूहों और क्षेत्रों के निर्माण पर केंद्रित।
    • मुख्य रूप से रोज़गार सृजन गतिविधियों जैसे समुद्री शैवाल और सजावटी मछली की खेती पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।
    • यह मछलियों की गुणवत्ता वाली प्रजातियों की नस्ल तैयार करने तथा उनकी विभिन्न प्रजातियाँ विकसित करने, महत्त्वपूर्ण बुनियादी ढाँचे के विकास और विपणन नेटवर्क आदि पर विशेष ध्यान केंद्रित करेगा।
    • नीली क्रांति योजना की उपलब्धियों को सशक्त बनाने के उद्देश्य से कई नए हस्तक्षेपों की परिकल्पना की गई है जिसमें मछली पकड़ने के जहाज़ों का बीमा, मछली पकड़ने वाले जहाज़ों/नावों के उन्नयन हेतु सहायता, बायो-टॉयलेट्स,  लवण/क्षारीय क्षेत्रों में जलीय कृषि, मत्स्य पालन और जलीय कृषि स्टार्ट-अप्स, इन्क्यूबेटर्स, एक्वाटिक प्रयोगशालाओं के नेटवर्क और उनकी सुविधाओं का विस्तार, ई-ट्रेडिंग/विपणन, मत्स्य प्रबंधन योजना आदि शामिल है।

मत्स्य पालन क्षेत्र से संबंधित अन्य उद्घाटन

  • एक्वाटिक डिज़ीज़ रेफरल प्रयोगशाला
    • ये सुविधाएँ मत्स्य किसानों के लिये गुणवत्ता और सस्ती दर पर मत्स्य बीज की समय पर उपलब्धता सुनिश्चित करके मत्स्य उत्पादन और उसकी उत्पादकता बढ़ाने में मदद करेंगी और मछलियों के रोग निदान के साथ-साथ पानी और मिट्टी की परीक्षण सुविधाओं की आवश्यकता को भी पूरा करेंगी।
  • ई-गोपाला एप
    • ई-गोपाला एप किसानों के प्रत्यक्ष उपयोग के लिये एक समग्र नस्ल सुधार, बाज़ार और सूचना पोर्टल है। 
    • यह निम्नलिखित पहलुओं पर समाधान प्रदान करेगा:
      • देश में पशुधन के सभी रूपों (वीर्य, भ्रूण, आदि) में रोग मुक्त जीवाणु (जर्मप्लाज़्म) को खरीदना और बेचना, 
      • गुणवत्तापूर्ण प्रजनन सेवाओं की उपलब्धता (कृत्रिम गर्भाधान, पशु प्राथमिक चिकित्सा, टीकाकरण, उपचार आदि) और पशु पोषण के लिये किसानों का मार्गदर्शन करना, 
      • उचित आयुर्वेदिक दवा/एथनो पशु चिकित्सा दवा का उपयोग करते हुए जानवरों का उपचार आदि की जानकारी देना।
      • पशु किसानों को अलर्ट भेजना (टीकाकरण, गर्भावस्था निदान आदि के लिये नियत तारीख पर) 
      • किसानों को क्षेत्र में विभिन्न सरकारी योजनाओं और अभियानों के बारे में सूचित करना।

 

  • वीर्य केंद्र (सीमेन स्टेशन)
    • प्रधानमंत्री द्वारा बिहार के पूर्णिया में ‘राष्ट्रीय गोकुल मिशन’ के तहत स्थापित की गई अत्याधुनिक सुविधाओं से युक्त वीर्य केंद्र (सीमेन स्टेशन) प्रमुख है।
    • बिहार सरकार द्वारा उपलब्ध कराई गई 75 एकड़ भूमि पर 84.27 करोड़ रुपए के निवेश से यह केंद्र स्थापित किया गया है।
    • यह सरकारी क्षेत्र के सबसे बड़े वीर्य केंद्रों में से एक है जिसकी उत्पादन क्षमता 50 लाख वीर्य नमूना प्रति वर्ष है।
    • यह वीर्य केंद्र बिहार की स्वदेशी नस्लों के विकास एवं संरक्षण को भी नया आयाम देगा और इसके साथ ही पूर्वी एवं पूर्वोत्तर राज्यों की पशु वीर्य की मांग को पूरा करेगा।
  • IVF (In vitro fertilization-IVF) लैब
    • शत-प्रतिशत अनुदान सहायता के ज़रिये देश भर में कुल 30 ETT और IVF लैब (प्रयोगशालाएँ) स्थापित की जा रही हैं।
    • ये लैब देशी नस्लों के बेहतरीन पशुओं का वंश बढ़ाने और इस प्रकार दूध उत्पादन एवं उत्पादकता को कई गुना बढ़ाने की दृष्टि से अत्यंत महत्त्वपूर्ण हैं।
  • कृत्रिम गर्भाधान में लिंग पृथक्कृत वीर्य का उपयोग
    • कृत्रिम गर्भाधारण ‘AI’ (Artificial Insemination) में लिंग पृथक्कृत वीर्य के उपयोग के ज़रिये केवल मादा बछड़ों का ही जन्म सुनिश्चित किया जा सकता है (90% से भी अधिक सटीकता के साथ)।
  • किसान के घर की चौखट पर IVF तकनीक
    • इससे अत्यंत तीव्र दर से अधिक प्रजनन क्षमता वाले पशुओं की संख्या को कई गुना बढ़ाने की प्रौद्योगिकी का प्चार-प्रसार होगा क्योंकि इस प्रौद्योगिकी के उपयोग से एक मादा एक वर्ष में 20 बछड़ों को जन्म दे सकती है।

स्रोत: PIB

Pradhan Mantri Matsya Sampada Yojana

Pradhan Mantri Matsya Sampada Yojana (PMMSY) was launched on 10th September 2020. The aim of the scheme is to bring about Blue Revolution through the sustainable development of the fisheries sector over a period of five years (2020-2025.) PMMSY was announced in the union budget 2019-20.

Relevant facts about the scheme are important for the competitive examinations including the IAS Exam. Read on to know about the components, objectives and significance of the PM Matsya Sampada Yojana.

Brief Facts about PM Matsya Sampada Yojana

Launch Date 10th September 2020
Concerned Government Department Department of Fisheries
Tenure 2020-2025
Beneficiaries
  • Fishers
  • Fish farmers
  • (Fish workers and Fish vendors
  • Fisheries Development corporations
  • Self Help Groups (SHGs)/Joint Liability Groups (JLGs) in the fisheries sector
  • Fisheries cooperatives
  • Fisheries Federations
  • Entrepreneurs and private firms
  • Fish Farmers Producer Organisations/Companies (FFPOs/Cs)
  • SCs/STs/Women/Differently abled persons
Direct Link http://dof.gov.in/pmmsy

PM M

Objectives of PM Matsya Sampada Yojana

The main objective of the PMMSY is to develop fisheries and aquaculture sectors.

  1. Harness the potential of fisheries sector in a sustainable, responsible, inclusive and equitable manner
  2. Efficient use of land and water resources to enhance fish production and productivity.
  3. Modernize value chain considering post-harvest management and quality improvement.
  4. Double fishers and fish farmers’ incomes
  5. Generate employment in the fisheries sector.
  6. Enhance fisheries sector’s contribution to overall agricultural Gross Value Added (GVA) and exports.
  7. Provide social, economic and physical security to fish farmers and fishermen.
  8. Develop a robust fisheries management and regulatory framework.

Key Facts about the PMMSY

  1. ‘Catch to consumer’ post-harvest infrastructure management – Along with the development of fisheries production, a major emphasis is laid upon the quality of post-harvest management.
  2. Private Sector Participation – Promotion of start-ups, incubators etc in fisheries sectors will be taken up along with the development of business models, promotion of ease of doing business and innovative ideas in the sector.
  3. Cluster/Area-based Approaches – It will identify the potential clusters for fisheries’ development and will be supported with:
    • Requisite interventions
    • Forward and backward linkages
    • Facilities with quality brood, seed and feed
    • Infrastructure
    • Processing and marketing networks
  4. Linking and converging existing schemes – To amplify the outcomes of PM Mastya Sampada Yojana, it will be fostered with the following schemes among others:
    • Ministry of Shipping’s Sagarmala Project
    • Ministry of Food Processing Industries’ PM Kisan Sampada Yojana
    • Ministry of Rural Development’s National Rural Livelihood Mission (NRLM).
    • Ministry of Rural Development’s Mahatma Gandhi National Rural Employment Guarantee Scheme (MGNREGS).
    • Ministry of Agriculture’s Rashtriya Krishi Vikas Yojana (RKVY).

  5. Institutional Mechanisms for a mission-mode implementation – Under the PMMSY, district, sub-district level units will be created along with:
    • State Programming Units
    • District Programming Units
    • Sub-district Programme Units
  6. Allocations for new and emerging technologies for effective use of land and water resources:
    • Recirculatory Aquaculture Systems
    • Biofloc
    • Aquaponics Cage Cultivation
  7. Enhancement of Exports to Rs. 1 lakh crores by 2024-25 – The scheme will focus on species diversification, value addition, end-to-end traceability, brand promotion in close collaboration with The Marine Products Exports Development Authority (MPEDA).
  8. Focus of the fisheries sectors’ development in the J&K, Ladakh, Islands, Northeast, and Aspirational Districts through area-specific strategic development planning.
  9. Aquaculture promotion will be undertaken especially in the saline and alkaline areas of Northern India
  10. Aquatic health management – Focus is laid on the address of diseases, anti-biotic, and residue issues which will be supported by an integrated laboratory network.
  11. Creation of a national platform to deliver affordable and quality fish – E-marketing and E-trading of Fish along with wholesale and retail fish markets will be created.

Candidates can check the following links relevant for the preparation of the upcoming UPSC civil services exam –

Key New Strategies under PM Matsya Sampada Yojana

The government, under the scheme, has introduced various initiatives for the first time, in the promotion of the fisheries sector:

  1. For the first time, the emphasis is being laid on the Genetic improvement of commercially important fish species and on establishing Nucleus Breeding Center for self-reliance in Shrimp Broodstock.
  2. Start-up promotion in Fisheries and Aquaculture along with the promotion of incubation centers, sea ranching, encouraging innovations, entrepreneurship models.
  3. Use of Blockchain Technology, Global Standards, and Certification, Accreditation of Brood banks, Hatcheries, Farms etc.
  4. Coastal fisher communities – As a key new strategy of PM Matsya Sampada Yojana, modern fishing villages will be created.
  5. Fish Farmers Producer Organizations to foster collectivization of fishers and fish farmers.
  6. Development of Aqua Parks to house a modern aquarium.
  7. Extension support services – 3347 Sagar Mitras will be created by engaging youth in fisheries extension. Fisheries Extension Service Centers will be set up.
  8. Introduction of the insurance coverage for the fishing vessels.

Significance of Pradhan Mantri Matsya Sampada Yojana (PMMSY)

Following are the desirable outcomes of PMMSY:

  1. The increase of fish production from 13.75 million metric tons (MMT) (2018-19) to 22 million metric tons by 2025.
  2. Increase of the fisheries sectors’ GVA contribution in the agriculture GVA from 7.28% to 9% by 2025.
  3. Double export earnings from Rs.46589 crore to Rs. 1 lakh crore by 2025.
  4. Decrease in post-harvest loss from 25 percent to 10 percent.
  5. Generation of 15 lakh direct employment opportunities.
  6. Increase in domestic fish consumption from 5 kg to 12 kg per capita.

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