India to Nepal train seva:
भारत से नेपाल के बीच रेल सेवा को मिली हरी झंडी पीएम मोदी or नेपाल के प्रधानमंत्री शेर बहादुर देउबा ने यात्रियों को दी बड़ी सौगात!

[5:43 PM, 4/3/2022] Cam Sarwan: india to Nepal train latest news in Hindi: भारत के प्रधानमंत्री – नरेंद्र मोदी और नेपाल के प्रधानमंत्री – शेर बहादुर देउबा

संयुक्त रूप से भारत और नेपाल के बीच रेल सेवा को शुरू किया शनिवार 2 अप्रैल 2022 से ,

भारत से नेपाल की रेल सेवाएं शुरू कर दी गई है, अब लोग आसानी से रेल के जरिए भारत से नेपाल और नेपाल से भारत की यात्रा कर सकते हैं.

लगभग 800 करोड़ की लागत से हुआ निर्माण |

भारत और नेपाल के बीच बने इस रेलवे लाइन के निर्माण में करीब 800 करोड़ रुपए की लागत आई है |

जहां जयनगर से बिजलपूरा और बरदिबास तक 69.08 किलोमीटर पर योजना के अंतर्गत पहले चरण में करीब 34.9 किलोमीटर लंबी जयनगर से जनकपुर धाम – कुर्था रेलखंड पर ट्रेन का परिचालन शुरू हुआ |

कुर्था से बिजल पूरा तक लगभग 18 किलोमीटर लंबे रेलखंड का भी कार्य पूरा हो चुका है |

जबकि नेपाल सरकार बिजलपुरा से बरदिबास तक 16 किलोमीटर की रेलवे लाइन जल्द ही करवा देगी |

8 सालों के बाद भारत से नेपाल के बीच रेल सेवा आज से शुरू हो गई है,
साथिया आज की तारीख दोनों देशों के इतिहास के पन्नों में स्वर्ण अक्षरों में दर्ज हो गई दोपहर 12:30 बजे जयनगर से चली ट्रेन 2:30 बजे जनकपुर पहुंच गए

शनिवार 2 अप्रैल दोपहर के 12:30 बजे, पीएम नरेंद्र मोदी और नेपाल के पीएम शेर बहादुर देउबा ,
दिल्ली के हैदराबाद हाउस से हरी झंडी दिखाकर ट्रेन को रवाना किया,

इससे पहले दोनों देशों के प्रधानमंत्री ने बैठक भी की, पीएम नरेंद्र मोदी ने नेपाल के पीएम शेर बहादुर देउबा के साथ भारत से नेपाल रेल को हरी झंडी दिखाइ
नेपाल के प्रधानमंत्री शेर बहादुर देउबा तीन दिवसीय भारत दौरे पर है, नेपाल के प्रधानमंत्री बनने के बाद यह उनका पहला देश का दौरा है भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और नेपाल के प्रधानमंत्री शेर बहादुर देउबा पिछले साल संयुक्त राष्ट्र जलवायु सम्मेलन के दौरान ग्लास्गो मैं मिले थे,

नेपाल के प्रधानमंत्री शेर बहादुर देउवा और भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी

हैदराबाद हाउस मैं मुलाकात की

जिसके पहले नेपाल के प्रधानमंत्री शेर बहादुर देउबा राजघाट पर राष्ट्रपिता महात्मा गांधी जी को श्रद्धांजलि दी|

हालांकि यात्रियों के लिए रेल सेवा 3 अप्रैल से यानी आज से शुरू होगी,

जाने कितने रुपए लगेंगे नेपाल जाने के लिए?

मात्र 12.50 रुपए में पहुंच सकेंगे नेपाल
भारत से नेपाल जाने के लिए अब महज 12.50 रुपए लगेंग!

  1. जयनगर से इनरवा —- किराया 12 रुपए
  2. जयनगर से खजूरी —– किराया 15 रुपए
  3. जय नगर से महीनाथपुर ——- 22 रुपए
  4. जयनगर से वैदेही ——— 28 रुपए
  5. जयनगर से परवाहा ——– 34
    रुपए
  6. जयनगर से जनकपुर —— 45 रुपए
  7. जयनगर से कुर्था ——–56
    रुपए लगेंगे

स्टेशन और हाल्ट के बीच दूरियां

जयनगर से नाबाद 4 किलोमीटर

इनरवा से खजौली 4.6 किलोमीटर

खजूली से महीनाथपुर हॉल्ट 6.9 किलोमीटर

महीनाथपुर से वैदेही 4.4 किलोमीटर

वेदही से परवाहा (हॉल्ट ) 3.07 किलोमीटर

परवाहा से जनकपुर ( हॉल्ट ) 7.9 किलोमीटर

और जनकपुर से कुर्था 5.4 किलोमीटर है

ट्रेन सेवा बिहार के जयनगर से नेपाल के जनकपुर में कुर्था तक जाएगी

क्या ट्रेन से नेपाल जाने के लिए पासपोर्ट होगा अनिवार्य ?

जाने कौन कौन से दस्तावेज होंगे मान्य
( जयनगर मधुबनी ) भारत और नेपाल के बीच बहुप्रतीक्षित पैसेंजर ट्रेन सेवा की शुरुआत शनिवार 2 अप्रैल 2022 यानी कि आज से शुरू हो गई है,

भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और नेपाल के प्रधानमंत्री शेर बहादुर देउबा ने

संयुक्त रूप से ऐतिहासिक ट्रेन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया दोनों देशों के प्रधानमंत्री ने वर्चुअल तरीके से ट्रेन सेवा का फिर से आगाज किया |

नेपाल के प्रधानमंत्री शेर बहादुर देउबा इस मौके पर भारत की राजधानी दिल्ली में मौजूद रहे,
इससे दोनों देशों के लाखों लोगों को फायदा होगा ,
फिलहाल यह ट्रेन जयनगर से नेपाल के ( कुर्था ) जनकपुर तक जाएगी ,
बाद में इस रेलवे लाइन का विस्तार किया जाएगा ,
क्योंकि यह ट्रेन 2 देशों में जाएगी तो ऐसे में सवाल उठता है कि ,

क्या भारत से नेपाल जाने के लिए पासपोर्ट की जरूरत पड़ेगी?
ट्रेन से भारत से नेपाल जाने के लिए पासपोर्ट की अनिवार्यता नहीं रहेगी,

हालांकि यात्रा के दौरान भारत सरकार या फिर राज्य सरकारों की ओर से जारी फोटो पहचान पत्र रखना अनिवार्य होगा.

ऐसे दस्तावेजों की एक सूची भी जारी की गई है
पासपोर्ट की अनिवार्यता नहीं होगी

यात्री बिना पासपोर्ट के नेपाल आ और जा सकते हैं|

जयनगर कुर्था खंड 68.7 किलोमीटर जयनगर से बिजलपुरा
बिजलपुरा से वर्दी दास रेल लिंक का हिस्सा है, जयनगर भारत से नेपाल सीमा से 4 किलोमीटर दूर है
मधुबनी जिले के जयनगर ( बिहार ) से कुर्था तक चलने वाली रेलवे परियोजना का खंड बिजलपूरा तक बढ़ाया जाएगा जो कुर्था से 17 किलोमीटर दूर है

  • नेपाल में जयनगर और विजलपुरा के बीच रेल सेवा 1937 में अंग्रेजों द्वारा शुरू की गई थी|
  • इसे 2001 में नेपाल में बाढ़ के बाद निलंबित कर दिया गया था|
  • काठमांडू पोस्ट के मुताबिक, भारत ने पुराने रेलवे ट्रैक के पूर्ण निर्माण के लिए करीब 10 अरब रुपए खर्च किए हैं |
  • नेपाल सरकार ने करीब एक अरब रुपए में दो ट्रेन सेट खरीदे हैं|
  • यह नेपाल में पहली ब्रांड गेज यात्री रेल सेवा होगी
  • इससे पहले 2014 तक नेपाल द्वारा संचालित जयनगर और जनकपुर के बीच एक नैरोगेज सेवा चल रही थी |
  • भारतीय रेलवे नेपाल रेलवे कंपनी के साथ जानकारी और संचालन रखरखाव प्रक्रियाओं को सजा करने के साथ-साथ नेपाल के अधिकारियों को प्रशिक्षण प्रदान करके निजी सेवा चलाने में योग प्रदान कर रहै हैं |

2014 में बंद हुई थी भारत – नेपाल रेल सेवा

  • 2014 से जयनगर से जनकपुर के बीच ट्रेनों का परिचालन बंद था |
  • 2014 तक नेपाली नैरोगेज ट्रेन चली,
  • लेकिन ट्रेनों का सफर काफी लंबा होने की वजह से कोयले की खपत ज्यादा होती थी,
  • कोयले से चलने वाली ट्रेन काफी छोटी होती थी इसकी वजह से लोग खिड़की और दरवाजे पर लटक कर सफर करते थे,
  • ऐसे ही कई कारणों की वजह से ट्रेनों का परिचालन बंद कर दिया गया था

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